शुक्रवार, 25 जनवरी 2013

प्रेम,एकता और ताकत का प्रतीक


गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है, 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, बस तभी से देश गणतंत्र हुआ और उसी उपलक्ष मे गणतंत्र दिवस हर वर्ष मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को जिस दिन हमारा संविधान लागू हुआ तबी से भारत को अपन संवैधानिक ताक मिली। इस दिन के बाद से ही भारत में एक पूरी तरह से रिपब्लिकन इकाई बन गई।

गणतंत्र दिवस का इतिहास सन 1929 के दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ जिसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार 26 जनवरी, 1930 तक भारत को उपनिवेश का पद (डोमीनियन स्टेटस) नहीं प्रदान करेगी तो भारत अपने को पूर्ण स्वतंत्र घोषित कर देगा।

26 जनवरी, 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया। उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। तदनंतर स्वतंत्रता प्राप्ति के वास्तविक दिन 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्वीकार किया गया। 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए विधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई।

एकता और ताकत का प्रतीक गणतंत्र दिवस आज गणतंत्र दिवस पूरे देश में बहुत उत्साह और विशेष रूप से राजधानी में के साथ मनाया जाता है, लालकिले पर सबसे पहले हमारे देश के प्रथम नागरिक के तौर पर मौजुद देश के राष्ट्रपति देश का तिरंगा फैलाया जाता है। उसके बाद राष्ट्रपति द्वारा देश के बहादुर लोगों को सम्मानित किया जाता है। इस मौके पर एक परेढ निकाली जाती है जो राजघाट से होती हुई विजयघाट पर समाप्त होती है। इस मौके पर देश के तीनो वायु, थल और जल के जवान अपने कौशल दिखाते है और स्कूल के बच्चे रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। हमारा देश खुश रहे, आबाद रहे और तरक्की करता रहे, इसी दुआ के साथ apna jayal भी पूरे देश वासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता है।

शनिवार, 12 जनवरी 2013

2271 पटवारियों की होगी भर्ती

राज्य में 2271 पटवारियों की भर्ती होगी। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। भर्ती की विज्ञप्ति इसी माह जारी हो सकती है। 

पटवारियों के कुल पदों में से 825 की भर्ती नव सृजित पटवार मंडलों के लिए होगी। उच्च न्यायालय के निर्णय के तहत आयु सीमा में छूट की घोषणा के बाद सेवारत पटवारी से भू-अभिलेख निरीक्षक बनाने के लिए 62 पद बढ़ाए गए हैं। अब 93 के स्थान पर 155 पटवारी विभागीय परीक्षा के जरिए आईएलआर बन पाएंगे। पटवारी से भू-अभिलेख निरीक्षक बनने के लिए कम से कम 5 व अधिक से अधिक से 48 साल से सेवारत पटवारी आवेदन कर सकेंगे। 

शनिवार, 8 दिसंबर 2012

अर्द्धवार्षिक परीक्षा 12 दिसम्बर से


जिलास्तरीय समान परीक्षा योजना के तहत अर्द्धवार्षिक परीक्षा 12 दिसम्बर से शुरू होगी। परीक्षा को लेकर शनिवार को नोडल केन्द्र पर परीक्षा प्रश्र पत्रों का वितरण किया गया। प्रथम पारी परीक्षा सुबह 9.45 से 1 बजे व द्वितीय पारी परीक्षा दोपहर 1.45 से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि कक्षा 9 की परीक्षा द्वितीय पारी में 12 दिसम्बर को अंग्रेजी, 13 को हिन्दी, 14 को तृतीय भाषा संस्कृत व उर्दू, 15 को फाउण्डेशन ऑफ इन्फो टेक्रो, 17 को राजस्थान अध्ययन, 18 को गणित, 19 को स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा, 21 को सामाजिक विज्ञान व 24 को विज्ञान, कक्षा 10 की प्रथम पारी में 12 को अंग्रेजी, 13 को हिन्दी, 14 को संस्कृत व उर्दू, 15 को फाउण्डेशन ऑफ इन्फो, 17 को राजस्थान अध्ययन, 18 को गणित, 19 को स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा, 21 को सामाजिक विज्ञान, 24 को विज्ञान, कक्षा 11 की परीक्षा द्वितीय पारी में 12 को अंग्रेजी, 13 को प्रथम पारी में चित्रकला व द्वितीय में कम्प्यूटर, 14 को भौतिक विज्ञान, लेखाशास्त्र व राजनीति विज्ञान, 15 को हिन्दी, 17 को इतिहास, व्यवसायिक अध्ययन व रसायन विज्ञान, 18 को गणित ऐच्छिक व अंग्रेजी साहित्य, 19 को लोक प्रशासन व गूह विज्ञान, 20 को अर्थशास्त्र व कृषि विज्ञान, 21 को प्रथम पारी में टंकण हिन्दी व द्वितीय में भूगोल, जीव विज्ञान, 22 को प्रथम पारी में टंकण अंग्रेजी व द्वितीय पारी में हिन्दी साहित्य, उर्दू साहित्य, राजस्थानी साहित्य, 24 को प्रथम पारी में राजस्थान अध्ययन व द्वितीय पारी में समाज शास्त्र व संस्कृत, कक्षा 12 की परीक्षा 12 को प्रथम पारी में अंग्रेजी, 13 को कम्प्यूटर व द्वितीय पारी में चित्रकला, 14 को भौतिक विज्ञान, लेखाशास्त्र व राजनीति विज्ञान, 15 को हिन्दी, 17 को इतिहास, व्यवसायिक अध्ययन, रसायन विज्ञान, 18 को गणित व अंग्रेजी साहित्य, 19 को लोक प्रशासन, गृह विज्ञान, 20 को अर्थशास्त्र व कृषि विज्ञान, 21 को भूगोल व जीव विज्ञान, द्वितीय पारी में टंकण हिन्दी, 22 को प्रथम पारी में हिन्दी साहित्य व उर्दू साहित्य, द्वितीय पारी में टंकण अंग्रेजी, 24 को प्रथम पारी में समाजशास्त्र व संस्कृत साहित्य व द्वितीय पारी में राजस्थान अध्ययन की परीक्षा होगी।

शनिवार, 24 नवंबर 2012

मदरसा का शिलान्यास कल

जायल ग्राम बरनेल स्थित गरीब नवाज कॉलोनी दांता में मदरसा फेजे हसनेन करीमेन का शिलान्यास 25 नवम्बर को सांय 4 बजे महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजूदेवी मेघवाल करेगी। मदरसा सचिव मौलाना याकूब खान शेरानी ने बताया कि कृषि मण्डी उपाध्यक्ष रामकरण लोमरोड़ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष तिलोकराम रोज, सरपंच चुकलीदेवी, बड़ीखाटू सरपंच धनराज पाराशर, शेरानीआबाद सरपंच जेतुन बानो, छोटीखाटू सरपंच कल्याणसिंह सहित कई जनप्रतिनिधि भाग लेंगे।

शनिवार, 10 नवंबर 2012

अधिकारी पेयजल समस्या समाधान का प्रयास नहीं कर रहे


सुवादियाबास के आम गुवाड़ में खुदी पेयजल ट्यूबवेल एक माह से खराब पड़ी है जिससे वाशिंदे पेयजल को तरस रहे है। युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष मूलाराम डूकिया, युवा मंच अध्यक्ष झुमरराम डूकिया, शिवजीराम डूकिया, दिनेश डूकिया, जगराम रेवाड़, वार्ड पंच सुरेश डूकिया, संजय डूकिया, कैलाश जाखड़ सहित युवा कार्यकताओं ने आज शनिवार को नायब तहसीलदार द्वारका प्रसाद शर्मा को उपखण्ड अधिकारी के नाम ज्ञापन देकर दीपावली पर्व पर ट्यूबवेल चालू करवाने का आग्रह किया गया। प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि एक माह से ट्यूबवेल खराब है जिससे आमजन सहित पशूधन पेयजल को तरस रहे है। बार-बार आग्रह के बावजूद विभागीय अधिकारी पेयजल समस्या समाधान का प्रयास नहीं कर रहे है।

सोमवार, 5 नवंबर 2012

अपना जायल में आप अपने प्रतिष्ठान का नाम (Free of Coast ) जुडवाने के लिए सम्पर्क करे : Marudhar Offset, Jayal


2 बीएलओ गैरहाजिर

मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर रविवार को विभागीय अधिकारियों ने मतदान केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक अनुपस्थित मिले। जानकारी के अनुसार रविवार को विशेष कार्यक्रम के तहत सभी बूथ लेवल अधिकारी को संबधित मतदान केन्द्र पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची में नाम जोडऩे, हटाने व संशोधन संबधी दावे व आपत्तियां प्राप्त करनी थी। तहसीलदार गोपालसिंह यादव ने मतदान केन्द्रों का सघन निरीक्षण किया। 

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2012

शादियों की तैयारियां शुरू

जायल- त्यौहार की सीजन के साथ अब शहनाईयों की गूँज भी जल्द ही सुनाई देगी। शादियों को लेकर जहां ग्रामीण लोग तैयारियों में जुटे हुए है। वही व्यवसायी भी शादियों की बुंकिग को लेकर कमर कसे हुए है। दशहरे के बाद अब दीपोत्सव के कुछ ही दिन शेष है। दीपावली के बाद से ही शादियों की सीजन शुरू होने वाली है| जिस कारण अभी से बैंड-बाजा और बारात की तैयारियां शुरू हो गई। विवाह स्थल, कैटरिंग, घोडिय़ों, फोटोग्राफर, हलवाई की बुकिंगों का सिलसिला चल पड़ा है। विशेष तौर से उन लोगों में अधिक भागदौड है, जिनकी शादियां अचानक तय हुई है। 

मंगलवार, 4 सितंबर 2012

बिजली कंपनियों में 496 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आज से

बिजली कंपनियों में लेखाकार और कनिष्ठ लेखाकार के 496 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी। सभी कंपनियों में इन पदों को मिलाकर 6785 पदों की भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है। सर्वाधिक 5259 पद टेक्निकल हैल्पर के हैं।

डिस्कॉम के मुख्य कार्मिक अधिकारी आरके शर्मा ने बताया कि डाटा एंट्री ऑपरेटर के 807 पदों पर भर्ती होगी। इसी प्रकार लेखाकार के 210, कनिष्ठ लेखाकार के 286, कॉमर्शियल असिस्टेंट प्रथम के 75, कॉमर्शियल असिस्टेंट द्वितीय के 148 पद हैं।


For Online Application Contact
Marudhar Communication (Marudhar Offset,)
Old Bus Stand, Jayal

मंगलवार, 14 अगस्त 2012

स्वतंत्रता दिवस की सभी जायल वासीयों को हार्दिक शुभकामनाएं : अपना जायल

‘तिरंगे’ की पूरी कहानी


मैं आपका अपना ‘राष्ट्रीयध्वज’ बोल रहा हूं। मेरे बारे में आपको संपूर्ण जानकारी नहीं दी गई। क्यों  नहीं दी गई? कौन जिम्मेदार है? यह प्रश्न यहां आचित्यहीन है। अत: मैं स्वयं आपके सामने आया हूं। अपने बारे में आप सभी को बताने के लिए गुलामी की काली स्याह रात अंतिम प्रहर जब स्वतंत्रता के सूर्य के निकलने कासंकेत प्रभातबेला ने दिया, उस दिन 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान के सभा कक्ष में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मुझे विश्व एवं भारत के नागरिकों के सामने प्रस्तुत किया। यह मेरा जन्म पल था।

मुझे भारत का राष्ट्रीयध्वज स्वीकार कर सम्मान दिया। इस अवसर पर पंडित नेहरू ने बड़ा मार्मिक हृदयस्पर्शी भाषण भी दिया तथा मानवीय सदस्यों के समक्ष मेरे दो स्वरूप एक रेशमी खादी एवं दूसरा सूती खादी से बना ध्वज प्रस्तूत किया। सभी ने कर्तल ध्वनि के साथ मुझे स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया। आजादी के दीवानों के बलिदान व त्याग की लालीमा मेरे रंगों में बसी है। इन्हीं दीवानों के कारण मेरा जन्म संभव हुआ।

14 अगस्त 1947 की रात 10.45 बजे काउंसिल हाऊस के सेंट्रल हॉल में श्रीमति सुचेता कुपलानी के नेतृत्व में वंदे मातरम् के गायन से कार्यक्रम शुरू हुआ। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद व पंडित जवाहरलाल नेहरू के भाषण हुए। इस पश्चात श्रीमति हंसाबेन मेहता द्वारा अध्यक्ष मेरा सील्क वाला स्वरूप सौंपा गया।

श्रीमति हंसाबेन मेहता ने कहा कि- "आजाद भारत में पहला राष्ट्रध्वज जो इस सदन में फहराया जाएगा, वह भारतीय महिलाओं की ओर से इस राष्ट्र को एक उपहार है।" सभी लोगों के समक्ष यह मेरा पहला प्रदर्शन था। सारे जहां से अच्छा व जन-गण-मन के सामूहिक गाने के साथ यह समारोह सम्पन्न हुआ। 23 जून 1947 को मुझे आकार देने के लिए एक अस्थाई समिति का गठन हुआ था। इसके अध्यक्ष राजेंद्रप्रसाद तथा समिति में उनके साथ थे अब्दूल कलाम आजाद, के.एम.पाणीकर, श्रीमति सरोजिनी नायडू, के.एस.मुंशी, श्री राजगोपालाचारी और डॉ.बी.आर.अम्बेडकर। विस्तुत विचार-विमर्श के बाद मेरे बारे में निर्णय लिया गया और संविधान सभा में स्वीकृति प्राप्ती हेतु पंडित जवाहरलाल नेहरू को अधिकृत किया, जिन्होंने 22 जुलाई 1947 को सभी की स्वीकृति प्राप्त की और मेरा जन्म हुआ।

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मेरे मान बताए, जिन्हें आपको जानना जरूरी है (जिसका उल्लेख भारतीय मानक संस्थान के क्रमांक आई.एस.आई.1-1951 संशोधन 1968 में किया गया) उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रध्वज समतल तिरंगा होगा एवम आयातकार होकर इसकी लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 2:3 होगा। तीन समान रंगों की आड़ी पट्टीका होगी। सबसे ऊपर केशरिया, मध्य में सफेद तथा नीचे हरे रंग की पट्टी होगी। सफेद रंग की पट्टी पर मध्य में सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ का 24 सलाकाओं वाला चक्र होगा, जिसका व्यास सफेद रंग की पट्टी की चौड़ाई के बराबर होगा।

मेरे (राष्ट्रध्वज) के निर्माण में जो वस्त्र उपयोग में लाया जाएगा, वह खादी का होगा तथा यह सूती, ऊनी या रेशमी भी हो सकता है, लेकिन शर्त यह होगी कि राष्ट्रध्वज का सूत हाथ से काता जाएगा एवं हाथ से बुना जाएगा। इसमें हथकरधा सम्मिलित है। सिलाई के लिए केवल खादी के धागों का ही प्रयोग होगा। आपको बताऊं मेरे कपड़े का निर्माण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के एक समूह द्वारा पूरे देश में एकमात्र उत्तरी कर्नाटक जिला धारावाड़ के गरग नामक गांव जो बंगलौर-पूना रोड पर स्थित है, वहां किया जाता है।

इसकी स्थापना 1954 में हुई। नियमानुसार राष्ट्रीय ध्वज के खादी के एक वर्ग फिट कपड़े का वजन 205 ग्राम होना चाहिए, हाथ से बनी खादी, जिसका प्रयोग राष्ट्रध्वज के निर्माण के लिए होता है, वह यहीं केंद्र है। परंतु अब राष्ट्र ध्वज का निर्माण क्रमश: अर्डिनेस क्योरिंग की फैक्टरी शाजापुर, खादी ग्रामोद्योगआयोग बंबई एवं खादी ग्रामोद्योग दिल्ली में होने लगा है। निजी निर्माताओं द्वारा भी राष्ट्रध्वज निर्माण पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन राष्ट्रीयध्वज के गौरव और गरिमा को दृष्टीगत रखते हुए यह जरूरी है कि केवल आई एस आई (भारतीय मानक संस्थान) की मोहर लगी हो।

मेरे (राष्ट्रीय ध्वज) के रंगों का अर्थ स्पष्ट किया कि केशरिया रंग-साहस और बलिदान का, सफेद रंग-सत्य एवं शांति का, हरा रंग-श्रद्धा और शौर्य का प्रतीक होगा तथा 24 सलाकों वाला नीला चक्र 24 घंटे सत्त प्रगति और प्रगति भी ऐसी जैसे कि नीला अनंत विशाल आकाश एवं नीला अथाह गहरा सागर। आपको लगता है कि आप भी अपने घरों व दुकानों पर राष्ट्रध्वज वर्षभर फहराए, लेकिन जब तक मेरे मान-सम्मान सहित फहराने का ज्ञान प्रत्येक नागरिक को न हो जाए, तब तक आपको यह छूट कैसे दी जाए? अब आपको वैद्यानिक रूप से 365 दिन (वर्षभर) ससम्मान ध्वजारोहण सूर्योदय के समय करके, सूर्यास्त के समय ससम्मान उतार सकते हैं, लेकिन मोटरकारों पर साधारण नागरिक को राष्ट्रीयध्वज फहराने पर प्रतिबंध है।

रविवार, 12 अगस्त 2012

सुशील कुमार ने जीता रजत पदक और देश का दिल



भारत के सुशील कुमार यहां चल रहे ओलिंपिक में 66 किलोग्राम फ्री स्‍टाइल कुश्‍ती के फाइनल में जापान के पहलवान तासुहिरो योनेमित्‍सु से हार गए। तासुहिरो ने सुशील को 3-1 से हराया।
सुशील कुमार गोल्डन फाइट भले ही हार गए लेकिन रजत पदक जीतकर उन्होंने देश का दिल जीत लिया।
वहीं ओलिंपिक गोल्डन मैच फाइट से ठीक पहले सुशील की तबियत बिगड़ गई थी। उन्हें डिहाईड्रेशन की शिकायत हो गई थी भारतीय रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष राजसिंह ने कहा, 'फाइनल से ठीक पहले सुशील की तबियत खराब हो गई थी। सुशील को दो बार बॉथरूम भी जाना पड़ा था। सेमिफाइनल मुकाबले में सुशील को चोट भी लगी थी जिसके कारण वो उदास भी थे। सुशील कुमार ने अनफिट होते हुए भी फाइट लड़ी।'
ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने पर हरियाणा सरकार सुशील कुमार को अकेडमी खोलने के लिए जमीन और ढेड़ करोड़ रुपये का नकद इनाम देगी। यही नहीं दिल्ली सरकार ने भी सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। 

शुक्रवार, 10 अगस्त 2012

कृष्ण जन्माष्टमी पर मोदी ने उठाया गौहत्या का मुद्दा


गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौहत्या के मुद्दे को अपने ब्लॉग के जरिए उठाकर यूपीए पर निशाना साधने की कोशिश की है। 
मोदी ने अपने ताजा ब्लॉग कहा है कि 'पिंक रिवोल्यूशन' के जरिए यूपीए भारत को विश्व का सबसे बड़ा बीफ एक्सपोर्टर बनाना चाहता है जबकि गाय को भारत में धार्मिक रूप से अहम दर्जा प्राप्त है। 
अपने ताजा ब्लॉग पोस्ट में मोदी ने पहले तो देशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाइयां दी और फिर गौहत्या को मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा कि भगवान कृष्ण को भी गायों से प्रेम था। 
मोदी ने कहा, 'मझे यह देखकर दुख होता है कि केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व में चल रही यूपीए सरकार गौहत्या को बढ़ावा दे रही है और भारत में पिंक रिवोल्यूशन शुरु करना चाह रही है। हमारी संस्कृति और इतिहास हमें गाय मां की हत्या करना नहीं सिखाता है लेकिन दुख की बात यह है कि यूपीए को भारत की संस्कृति की चिंता नहीं है। महात्मा गांधी और आचार्य विनोवा भावे ने गाय को बचाने के लिए भरसक प्रयास किए लेकिन मौजूदा सरकार उनके सबक को भूल गई है।'
मोदी ने कहा, हमारी मौजूदा पीढ़ि को घी-दूध नहीं मिल रहा है और हमारे बच्चे को पोषण नहीं मिल पा रहा है और यह सरकार गौ हत्या को बढ़ावा दे रही है। मोदी ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों से गौरक्षा करने की अपील भी की। 
यह सही है कि जल्द ही भारत बीफ एक्सपोर्ट में विश्व में नंबर एक पर हो सकता है लेकिन मोदी यह भूल गए की भारत में भैंसों के मीट को एक्सपोर्ट करने के मामले में आगे है न की गाय के। 
गौरतलब है कि देशभर में भैंसों गायों का स्थान ले रहीं हैं। इसका कारण यह है कि भैंसें दूध भी ज्यादा देती हैं और भैंसों के काटने पर भी कोई पाबंदी नहीं है। चौंकाने वाली बात यह है कि गायें उन प्रदेशों में सबसे कम पाली जा रहीं हैं जिनमें गायों के काटने पर पाबंदी हैं। 

गुरुवार, 9 अगस्त 2012

कृष्ण जन्माष्टमी कल


श्री कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्स्व है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमीभारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारीकंस का विनाश करने के लिए मथुरा में लिया। चूंकि भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठती है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन मौके पर भगवान कान्हा की मोहक छवि देखने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु आज के दिन मथुरापहुंचते हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मथुरा कृष्णमय हो जात है। मंदिरों को खास तौर पर सजाया जाता है। ज्न्माष्टमी में स्त्री-पुरुष बारह बजे तक व्रत रखते हैं। इस दिन मंदिरों में झांकियां सजाई जाती है और भगवान कृष्ण को झूला झुलाया जाता है। और रासलीला का आयोजन होता है।

11 माह में बिजली का यह दूसरा झटका

जयपुर। छीजत, चोरी व कुप्रबंधन के चलते घाटे में डूबी बिजली कम्पनियों ने एक बार फिर अपना भार जनता पर डाल दिया है। बिजली की दरें 25 पैसे से 80 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ा दी गई हैं। घाटे को कम करने के लिए बिजली चोरी रोकने की कोई कवायद करने के बजाय ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर ही ठीकरा फोड़ दिया गया। आम जनता की जेब पर 11 माह के अंतराल में बिजली का यह दूसरा झटका है। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कम्पनियों की दरों की समीक्षा याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाते हुए बिजली के दामों में करीब 18.58त्न की बढ़ोतरी की है।
घरेलू उपभोक्ता पर सर्वाधिक मार
आयोग के फैसले की सर्वाधिक मार घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ी है, जिनके अंतिम स्लेब में 80 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाए गए हैं। उद्योगों पर भी 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। बिजली कम्पनियों के गठन के बाद ये चौथी बार दरों में बढ़ोतरी की गई है।
किसानों व गरीबों का भार उठाएगी सरकार-गहलोत
यूं तो किसानों पर 25 पैसे प्रति यूनिट और बीपीएल पर प्रथम 50 यूनिट पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का भार डाला गया था। मगर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की है कि ये भार सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी। गरीब परिवारों और किसानों को पुरानी दर पर ही बिजली मिलती रहेगी। सरकार के मुताबिक नई दरों के बावजूद किसानों, बीपीएल परिवारों व 50 यूनिट तक उपभोग करने वाले परिवारों समेत कुल 56.47 लाख उपभोक्ताओं पर कोई भार नहीं पड़ेगा।

सोमवार, 6 अगस्त 2012

संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत करवाने के लिए उच्चस्तर तक बात पहुंचाई जाएगी

जायल। संस्कृत भाषा को देववाणी व सभी भाषाओं की जननी कहा जाता है लेकिन संस्कृत शिक्षा के प्रति सरकारी बेरूखी के चलते विद्यार्थी संस्कृत शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते  है । जायल का संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय वर्षो से प्रवेशिका माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नति की बाट जो रहा है। राजोद रोड सुवादियाबास में 1995 में स्थापित संस्कृत विद्यालय में 85 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उच्च प्राथमिक के बाद संस्कृत शिक्षण की व्यवस्था नहीं होने पर अधिकांश विद्यार्थी चाहकर भी संस्कृत में अध्ययन नहीं कर पाते हैं।
विद्यालय में चार शिक्षक कार्यरत है लेकिन चहार दीवारी के अभाव में आवारा पशु घुस आते  है । पौधरोपण व खेल मैदान सहित कई संसाधन चहार दीवारी के अभाव में बाधित हैं। प्रधानाध्यापक गणपत मेघवाल ने बताया कि विद्यालय को प्रवेशिका माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत करवा दिया जाए तो अध्ययनरत विद्यार्थी सहित नए विद्यार्थी भी संस्कृत में अध्ययन कर सकते हंै। शिक्षक मदनलाल स्वामी ने बताया कि संस्कृत शिक्षण के लिए कई युवा इच्छुक हैं लेकिन शिक्षण सुविधा के अभाव में अध्ययन नहीं कर पाते हैं। माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के अभाव में महज उच्च प्राथमिक स्तर तक संस्कृत शिक्षा प्राप्त करने से कोई फायदा नहीं मिल रहा है। 

संस्कृत शिक्षा के प्रति उपेक्षा
जानकारी के अनुसार जिलेभर में संस्कृत शिक्षण के लिए वरिष्ठ उपाध्याय उज्ज माध्यमिक स्तर तक महज दो व प्रवेशिका माध्यमिक स्तर तक के तीन विद्यालय  है । संस्कृत शिक्षा के अभाव में जिले के विद्यार्थी संस्कृत शिक्षक, पांडित्य, वेद उपनिषद व परम्परागत ज्ञान, ज्योतिष, आयुर्वेद सहित अनेक विधाओं की जानकारी व रोजगार से वंचित रह रहे हैं। इस संबंध में एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष पवन बटेसर ने बताया कि संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत करवाने के लिए राज्यमंत्री सहित उच्चस्तर तक बात पहुंचाई जाएगी।
क्षेत्रवासियों को संस्कृत शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए संगठन अभियान शुरू करेगा। छात्र नेता सुरेश लोमरोड़ ने बताया कि सरकार उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रूपए खर्च कर रही है लेकिन परम्परागत संस्कृत भाषा की उपेक्षा कर रही है। जिले में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनआन्दोलन शुरू किया जाएगा। भाजयुमो के मण्डल उपाध्यक्ष गोविन्द चतुर्वेदी व नेहरू युवा मण्डल अध्यक्ष ललित खण्डेलवाल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर संस्कृत पाठशाला को क्रमोन्नत करवाने का आग्रह किया है। 
Source : Patrika

शनिवार, 4 अगस्त 2012

20 सितम्बर को प्रदेशभर गौ विज्ञान अनुसंधान एवं सामान्य ज्ञान परीक्षा

गौ विज्ञान अनुसंधान एवं सामान्य ज्ञान परीक्षा को लेकर शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सम्पर्क कर विद्यार्थियों से परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यकर्ता माणकचन्द भाटी व बजरंगपुरी ने बताया कि 20 सितम्बर को प्रदेशभर में परीक्षा आयोजित की जाएगी।

40 करोड़ की राशि स्वीकृत करवाने का आग्रह


जायल। महानरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों ने स्वीकृत कार्य तो पूर्ण करवा दिए लेकिन लम्बे समय से भुगतान नहीं मिला है। जिला सरपंच संघ एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष तिलोकराम रोज के नेतृत्व में शुक्रवार को सरपंच प्रतिनिघियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर निर्माण कार्यों का बकाया भुगतान दिलवाने का आग्रह किया है।
प्रतिनिघिमण्डल ने ज्ञापन में बताया कि जिले भर की ग्राम पंचायतों में महानरेगा के तहत करवाए गए पक्के कार्यो का भुगतान लगभग दो साल से बकाया चल रहा है। उन्होंने जिले भर में बकाया चल रहे लगभग 40 करोड़ की राशि स्वीकृत करवाने का आग्रह किया है। 

23 जिलों में मंत्री करेंगे ध्वजारोहण

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए आदेश, दिया कुमारी-कोटपूतली-बहरोड़ में करेंगी ध्वजारोहण, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा-जयपुर, किरोड़ीलाल...