शनिवार, 4 अगस्त 2012

20 सितम्बर को प्रदेशभर गौ विज्ञान अनुसंधान एवं सामान्य ज्ञान परीक्षा

गौ विज्ञान अनुसंधान एवं सामान्य ज्ञान परीक्षा को लेकर शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सम्पर्क कर विद्यार्थियों से परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यकर्ता माणकचन्द भाटी व बजरंगपुरी ने बताया कि 20 सितम्बर को प्रदेशभर में परीक्षा आयोजित की जाएगी।

40 करोड़ की राशि स्वीकृत करवाने का आग्रह


जायल। महानरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों ने स्वीकृत कार्य तो पूर्ण करवा दिए लेकिन लम्बे समय से भुगतान नहीं मिला है। जिला सरपंच संघ एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष तिलोकराम रोज के नेतृत्व में शुक्रवार को सरपंच प्रतिनिघियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर निर्माण कार्यों का बकाया भुगतान दिलवाने का आग्रह किया है।
प्रतिनिघिमण्डल ने ज्ञापन में बताया कि जिले भर की ग्राम पंचायतों में महानरेगा के तहत करवाए गए पक्के कार्यो का भुगतान लगभग दो साल से बकाया चल रहा है। उन्होंने जिले भर में बकाया चल रहे लगभग 40 करोड़ की राशि स्वीकृत करवाने का आग्रह किया है। 

रविवार, 29 जुलाई 2012

गुटखे से भी खतरनाक पान मसाला


जयपुर.बाजार में जीरो टोबेको के नाम से बिक रहे मशहूर ब्रांडों के पान मसाला भी गुटखा और तंबाकू जितने ही खतरनाक हैं। इनमें गुटखा और तंबाकू उत्पादों से कहीं ज्यादा मात्रा में निकोटिन पाया गया है, जबकि यह जीरो प्रतिशत होना चाहिए। यह खुलासा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सिफारिश पर केंद्रीय तंबाकू अनुसंधान संस्थान (सीटीआरआई) राजमुंदरी की जांच रिपोर्ट में हुआ।

सीटीआरआई ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सिफारिश पर बाजार में मौजूद पान मसाला, तंबाकू और गुटखा उत्पादों के सैंपल लेकर निकोटिन की मात्रा की जांच की थी। रजनीगंधा में 2.26 प्रतिशत निकोटिन पाया गया, जो सभी सैंपलों में सबसे ज्यादा था। महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा ने पान मसाले पर भी पाबंदी लगाई है, लेकिन राजस्थान में सिर्फ गुटखा बैन हुआ है।

यहां नीम के पेड से बरसता है अनाज


जायल। देखने सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यदि प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह सच है। जी हां यहां नीम के पेड़ से अनाज गिरता है और वष्ाोü से ऎसा होता आ रहा है। नागौर जिले के गुगरियाली गांव में लोग इस घटना के गवाह हैं और नीम के पेड़ से अनाज गिरने की घटना को यहां के लोग बरसात के लिए शगुन के तौर पर देखते हैं। ग्रामीणों के अनुसार इस बार फिर ऎसा हुआ है और उन्हें अच्छे जमाने की आस बंध गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुगरियाली में दोपहर लगभग 2.30 बजे मांगीलाल लुहार नीम के पेड़ के नीचे खाट पर आराम कर रहा था कि पेड़ से अचानक बाजरे की बारिश होने लगी। वो हड़बड़ाकर उठ खड़ा हुआ, लेकिन उन्हें जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ, क्योंकि वे इस घटना का कई बार सामना कर चुके हैं। उनका कहना है कि जब जब इस पेड़ ने बाजरा बरसाया है तब तब अच्छी बरसात हुई है। 

पेड़ से बाजरे की बरसात सुन मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीण महावीरसिंह ने बताया कि गुरूवार दोपहर लगभग 2.30 बजे गांव के गुवाड़ के पास नीम के पेड़ से अचानक अनाज की बारिश हुई। पड़ौसी बच्चों ने ज्यों ही शोर शराबा किया, अनाज की बारिश रूक गई। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। एक घंटे बाद फिर अनाज की बारिश हुई। शिक्षक सीताराम प्रजापत ने बताया कि वर्षो से नीम के पेड़ से अनाज की बारिश देखकर ग्रामीण अच्छे जमाने के शगुन मनाते हैं।

क्या कहते हैं बुजुर्ग
इस संबध में सेवानिवृत शिक्षक कल्याणसिंह ने बताया कि बचपन से गांव के इस नीम के पेड़ से अनाज गिरने की घटना देख रहे हैं। ऎसा देखने में आया कि जब-जब नीम के पेड़ से शगुन नहीं मिले, भीषण अकाल का सामना करना पड़ा। गांव के ही 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला लिछमादेवी ने बताया कि अनाज गिरने की घटना कब से शुरू हुई इसका तो अंदाज नहीं, लेकिन जब से ब्याह कर इस गांव में आई तब से ऎसा देख रही हैं। अनाज गिरने की तिथि तय नहीं है। बुजुर्ग ग्रामीण शिवकरण बाटण ने बताया कि जो अनाज पहले या ज्यादा मात्रा में गिरता है उसी अनाज की उपज ज्यादा होती है। गुरूवार को पहले बाजरे से शुरूआत हुई। फिर मोठ, मंूग, तिल, ग्वार गिरने शुरू हुए। 

शुक्रवार, 27 जुलाई 2012

लंदन ओलंपिक का आगाज आज

 
लंदन। शुक्रवार को पूरे विश्व की नजरें लंदन की ओर लगीं होंगी। यहां के ओलंपिक स्टेडियम में 30वें ओलंपिक खेलों का रंगारंग आयोजन भारतीय समयानुसार रात 1.00 बजे से होगा। समारोह के समन्वयक ऑस्कर पुरस्कार विजेता निर्देशक डैनी बॉयल हैं। इस कार्यक्रम के जरिये ब्रिटेन पूरे विश्व को अपनी कलात्मकता, सौंदर्य और मेजबान शहर की संस्कृति से रूबरू कराएगा। इस उद्घाटन समारोह को "द आइल ऑफ वंडर" का नाम दिया गया है, जो विलियम शेक्सपीयर ने नाटक "द टेम्पेस्ट" से प्रेरित है। समारोह की शुरूआत में सबसे पहले विशालकाय घंटी बजेगी। 

इसके साथ ही ग्रामीण ब्रिटेन का माहौल स्टेडियम में नजर आएगा। बॉयल उद्घाटन समारोह के कला निर्देशक हैं। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष जैक्स रोगे मेजबान देश की प्रमुख महारानी एलिजाबेथ की स्टेडियम के द्वार पर आगवानी करेंगे। ओलंपिक में शिरकत करने वाले सभी देशों के एथलीट वर्णानुक्रम के अनुसार परेड करते हुए स्टेडियम में आएंगे। 

हालांकि इसमें ग्रीस सबसे पहले और मेजबान ब्रिटेन के एथलीट सबसे आखिर में होंगे। लंदन ओलंपिक आयोजन समिति के प्रमुख सेबेस्टियन को, आईओसी प्रमुख जैक्स रोगे के संक्षिप्त भाषण के बाद महारानी एलिजाबेथ को ओलंपिक खेलों की विधिवत शुरूआत की घोषणा के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही ओलंपिक स्टेडियम में लगी कॉल्ड्रन को ओलंपिक मशाल से प्रज्वलित किया जाएगा। शुरूआत की 
घोषणा के बाद स्टेडियम में ओलंपिक ध्वज भी लहराया जाएगा। मेजबान देश के एक प्रतिनिधि खिलाड़ी, प्रशिक्षक और निर्णायक द्वारा शपथ ग्रहण की जाएगी। इधर उद्घाटन से एक दिन पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने कहा है कि हमारी सबसे बड़ी चिंता सुरक्षित ओलंपिक का आयोजन है। यह मसला किसी भी अन्य से महत्वपूर्ण है। मैं समझता हूं कि हमने जितनी संभव थी उतनी तैयारियां कर ली हैं। 

मैं समझता हूं कि हमारे पास बहुत अच्छी आकस्मिक योजनाएं हैंं। कैमरन ने कहा, प्रधानमंत्री होने के नाते मुझे हमेशा से लगता रहा कि यह ऎसा क्षेत्र है जिसकी मुझे व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेनी चाहिए। कैमरन ने यह जवाब अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मिट रोमने के इस बयान पर दी कि उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंताजनक रिपोर्ट मिल रही हैं। कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन में शांतिकालीन के दौरान यह ब्रिटेन में सबसे बड़ा सुरक्षा ऑपरेशन है। उन्होंने कहा, हमारी पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना है। 

समारोह में खास
कला निर्देशन ऑस्कर विजेता फिल्म निर्देशक डैनी बॉयल ने किया है।
डेनियल क्रेग समेत कई सितारे और 10000 से ज्यादा कलाकार परफॉर्म करेंगे।
भारतीय संगीतकार ए.आर. रहमान भी प्रस्तुति देंगे।

खेलों में खास
10,490 एथलीट ओलम्पिक में हिस्सा ले रहे हैं
302 पदकों के लिए 26 खेलों में प्रतिस्पर्द्धा होगी 
9.3 अरब पाउंड का खर्च इन खेलों के आयोजन पर 

सोमवार, 16 जुलाई 2012

पूरे प्रदेश में मनरेगा के काम अब सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत चल रहे सभी कार्यों का समय बदल कर अब सुबह 9 से कर दिया है। यह नई व्यवस्था सोमवार से पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है। जोधपुर जिले में वर्तमान में कार्यरत 99 हजार ग्रामीण नरेगा से अपनी रोजी रोटी कमा रहे हैं।


मनरेगा के जिला समन्वयक भंवरसिंह पंवार ने बताया कि सरकार ने 16 जुलाई से नरेगा के कार्यों का समय बदल दिया है। उन्होंने बताया कि अब यह कार्य सुबह 9 से शाम 5 बजे तक चलाए जाएंगे। पंवार ने बताया कि इससे पहले गर्मी एवं लू को देखते हुए सरकार ने नरेगा कार्यों का समय सुबह 6 से 10 बजे तक किया था। उन्होंने बताया कि सरकार ने इससे पहले जारी आदेश में स्पष्ट कहा था कि 15 जुलाई अथवा वर्षा और मानसून इनमें से जो पहले आए।इस अवधि तक सुबह 6 से 10 बजे तक का समय रहेगा ।इसके बाद नरेगा कार्यों का समय बदल कर सुबह 9 से शाम 5 बजे तक किया जाएगा।

गुरुवार, 12 जुलाई 2012

अपराजेय पहलवान रस्तमे हिन्द दारा सिंह रन्धावा



पहलवानी से लेकर फिल्मों में अपना जलवा दिखाने वाले रस्तमे हिन्द दारा सिंह रन्धावा का जन्म पंजाब में अमृतसर के धरमूचक गांव में जाट सिख परिवार में 19 नवंबर 1928 को हुआ था। बचपन से ही बलिष्ठ शरीर के दारा सिंह को पहलवानी का शौक रहा और अपने लाडले के इस शौक को पूरा करने में उनके पिता सूरत सिंह और माता बलवन्त कौर ने कोई कसर नहीं छोड़ी। 

बताया जाता है कि उनकी माताजी उन्हें भैंस के दूध के साथ बादाम की गिरियां, मक्खन और खांड में कूटकर खिलाती थीं और यही देसी नुस्खा इस पहलवान की अपराजेयता में संजीवनी का काम करता रहा। दारा सिंह और उनके छोटे भाई सरदारा सिंह ने कम उम्र में ही पहलवानी शुर कर दी और धीरे-धीरे गांव के अखाड़ों से लेकर देश-विदेश में अपने गांव का नाम रोशन किया।

मलेशियाई कुश्ती चैम्पियन बने - 
दारा सिंह 1947 में सिंगापुर चले गए और उन्होंने वहां भारतीय स्टाइल की कुश्ती में मलेशियाई पहलवान तरलोक सिंह को हराकर मलेशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप जीती और फिर उन्होंने पेशेवर पहलवान के रप में सभी देशों में अपनी धाक जमा दी। 

विश्व चैम्पियन किंगकांग को चटाई धूल - 
दारा सिंह ने पेशेवर पहलवान के रूप में विदेशों में जमकर कुश्तियां लड़ीं और 1952 में भारत आए और यहां भी कुश्तियां लडते हुए 1954 में भारतीय चैम्पियन का खिताब हासिल किया। उन्होंने सभी राष्ट्रमंडल देशों में कुश्तियां लड़ीं और विश्व चैम्पियन किंगकांग को धूल चटाई।

1959 में राष्ट्रमंडल चैम्पियन बने - 
दारा सिंह ने 1959 में कलकत्ता में राष्ट्रमंडल कुश्ती चैम्पियनशिप में कनाडा के चैम्पियन जार्ज गर्डियान्को और न्यूजीलैंड के जान डिसिल्वा के गुरर को तोड़ा और यह चैम्पियनशिप अपने नाम कर ली।

अपराजेय रहे - 
वे फ्री स्टाइल कुश्तियों में एक मिसाल बन गए और 29 मई 1968 को अमरीका के विश्व चैम्पियन लाऊ थेज को हराकर प्री स्टाइल कुश्ती का विश्व चैम्पियन खिताब जीता। उन्होंने 1983 में कुश्ती से संन्यास लिया था और उस समय तक उन्हें अपराजेय पहलवान का दर्जा हासिल था। उन्होंने 500 से अधिक पेशेवर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। 

देश का सबसे सफल शहर है दिल्ली



उद्यमियों और पेशेवर लोगों के लिए दिल्ली देश का सबसे सफलता वाला शहर है जिसे प्रतिस्पर्धा सूची में लगातार तीसरी बार पहला स्थान हासिल हुआ है।

राजधानी से सटे हरियाणा के गुडगांव को सफलता की दृष्टि से छठा स्थान मिला है जबकि उत्तर प्रदेश का नोएडा सफल दस प्रमुख शहरों की सूची में आठवें स्थान पर है। हरियाणा का ही फरीदाबाद नगर भी उच्च वृद्धि दर के कारण प्रतिस्पर्धा सूची में 29वें स्थान पर है।

देश की आर्थिक राजधानी के रुप में स्थापित मुंबई नगर प्रतिस्पर्धा की दृष्टि से दिल्ली से आगे नहीं निकल पाया। हालांकि उसने अपना दूसरा स्थान कायम रखा है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए तीसरे स्थान को हासिल किया।
एक प्रमुख अध्ययन संस्था प्रतिस्पर्धा संस्थान की ओर से वर्ष 2012 की रिपोर्ट में देश के पचास नगरों का आंकलन किया गया है। यह रिपोर्ट यहां एक समारोह में जारी की गई जिसमें सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग और प्रमुख उद्यमी उपस्थित थे।

प्रतिस्पर्धा की दृष्टि से सफल पहले दस नगर इस प्रकार हैं: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, गुड़गांव, बेंगलूरु, नोएडा, अहमदाबाद और पुणे हैं।

अपेक्षाकृत छोटे शहरों में उत्तर प्रदेश के नगर पिछड़ रहे हैं तथा प्रतिस्पर्धा सूची में लखनऊ, आगरा और इलाहाबाद निचले स्थानों पर खिसक गए हैं। दूसरी ओर कोयम्बटूर, मैसूर और मदुरै और गुवाहटी जैसे शहर ऊपर आ गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार राजधानी दिल्ली की सफलता का राज यहां उच्च आर्थिक दर और मांग एवं विकास के बीच संतुलन कायम रहना है। हालांकि रिपोर्ट में दिल्ली के प्रशासन और संस्थागत व्यवस्था में सुधार जरुरत बताई गई है।

सब दुखी हैं 'हनुमान' की मौत पर



 दारा सिंह के निधन के बाद पूरे बॉलीवुड और उनके प्रशंसको के बीच दुख की लहर फैल गई है। कलाकारों से लेकर आम आदमी तक अपने फेवरिट हीरो को अंतिम विदाई दे रहा है। दारा सिंह के निधन पर किसने क्‍या कहा, जानिए यहां।
अमिताभ बच्‍चन ने कहा है कि आज सुबह दारा सिंह जी नहीं रहे। एक महान भारतीय और बेहतरीन इंसान। गया। उनकी मौजूदगी में बिताया गया पूरा एक युग खत्‍म हो गया।

महेश भट्ट 
कहते हैं कि मैं बचपन से ही दारा सिंह का फैन था। उनके जाने से दुनिया उजड़ गई, ऐसा ही कुछ लग रहा है।
मिथुन  चक्रवर्ती ने कहा कि मैं उनके जाने को शब्‍दों में बयान नहीं कर सकता हूं। मैं उनका बचपन से फैन था। वह बहुत अच्‍छे इंसान थे। उनके जाने से मुझे काफी नुकसान हुआ है।
भाग्‍यश्री  कहतीहैं कि मजबूत शरीर की पहचान दारा सिंह जी हमारे साथ नहीं रहे। भगवान उनकी आत्‍मा को शांति दे।
 
गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी  ने दारा सिंह की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि अखाड़े से लेकर बड़े परदे तक पर उन्‍होंने कई पीढ़ियों का दिल जीता। भगवान उनकी आत्‍मा को शांति दे।
मनोज वाजपेयी कहते हैं कि मजबूत शरीर की पहचान दारा सिंह जी हमारे साथ नहीं रहे। भगवान उनकी आत्‍मा को शांति दे।

शनिवार, 31 मार्च 2012

'जयपुर मेयर के आगे मुख्यमंत्री की भी नहीं चलती'


विवाह स्थलों को सील करने का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में गूंजा। भाजपा के मोहनलाल गुप्ता ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए कहा कि नगर निगम शादियों के सीजन में शहर भर में विवाह स्थलों को सीज कर रहा है। परेशान टेंट व्यवसायी मुख्यमंत्री से मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि सील की कार्रवाई गलत है। इसके बावजूद जयपुर मेयर ने अफसरों को बुलाकर डांटा और एक स्पेशल टीम बनाकर विवाह स्थलों को सील करने को कहा।

गुप्ता ने कहा कि नगर निगम में तानाशाही चल रही है। हठ कई तरह के होते हैं, बाल हठ, त्रिया हठ और राज हठ, ये तीनों हठ जयपुर मेयर में हैं। मेयर के आगे सीएम की भी नहीं चलती, जिस तरह तानाशाही और भ्रष्टाचार का शासन नगर निगम में चल रहा है। न मंत्री की सुनती,न पार्षद की सुनती और न विधायकों की सुनती। सरकार को दखल देकर विवाह स्थलों को सील की कार्रवाई रुकवानी चाहिए। सरकार शादी ब्याह के लिए जगह उपलब्ध करवाए।

शाही सवारी निकाली



गोठ मांगलोद स्थित दधिमति माता मंदिर में माता की शाही सवारी निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में माता के भक्त सम्मिलित हुए। सवारी मंदिर से कपाल कुंड तक लाई गई। इस दौरान श्रद्धालु नाचते गाते और जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। इधर मंदिर में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। आसपास के गांवों सहित राजस्थान के बाहर से भी लोग माता के दर्शनों के लिए यहां पहुंचे। मंदिर में प्रसाद चढ़ाने और मन्नतें मांगने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।





सोमवार, 26 मार्च 2012

गहलोत का बजट "चुनावी": वसुंधरा

नेता प्रतिपक्ष वसुंधरा राजे ने गहलोत की ओर से पेश किए गए बजट-2012-13 को "चुनावी" बजट करार दिया है। राजे ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस बजट को पूर्व की तरह घोषणाओं वाला और चुनावी बताया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तीन साल पहले भाजपा ने जिन योजनओं की घोषओं की थी कांग्रेस तीन वर्ष बाद अब लेकर आया है। इन योजनाओं को पहले साल में ही लागू कर दिया जाता तो अभी तक आमजन तक लाभ पहुंचना शुरू हो जाता। 
पहले की पूरी नहीं, फिर भी नई घोषणाएं
वसुंधरा राजे ने कहा, शहरी बीपीएल आवासीय योजना पर बोलते हुए राजे ने कहा कि इससे पूर्व ग्रामीण आवासीय योजना के 50 हजार मकानों की घोषणा ही पूरी नहीं हो पाई है तो ऎसे में यह नई योजना कैसे पूरी होगी। राजे ने कहा, जहां तक सिंचाई योजना की बात है, अलग-अलग जिलों में हमारी योजनाओं को दोहराया गया। पिछले बजट में भी ऎसी ही घोषणाएं की गई थी, लेकिन मुझे लगता है अगले साल भी पूरी नहीं होने वाली।
बढ़ोत्तरी हुई तो कहां गई बिजली ?
राजे ने बजट में ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोत्तरी की बात पर कहा, यदि यहां बढ़ोत्तरी हुई है तो कहां गई बिजली ? गांवों में आज भी पॉवर कट जारी है। और जिन परियोजनाओं की बात की जा रही है वह हमारे कार्यकाल में ही शुरू हो चुकी है, यदि हमें 6 महीने ओर मिल जाते तो इनमें से अधिकांश शुरू हो जाती। 

रविवार, 11 मार्च 2012

सीए से जानिए टैक्स रियायतों का कुछ खास फंड़ा


नौकरीपेशा लोग ऐसे किसी भी खर्च को दिखा नहीं पा रहे हैं, जिसका वे तर्कसंगत आधार दे सकें। हर साल आने वाले बजट की तरह इस वर्ष के केंद्रीय बजट से भी आम आदमी सरकार से टैक्स छूट की सीमा बढ़ाए जाने की उम्मीद कर रहा है। वेतनभोगियों को मिलने वाले भत्ते बच्चों की शिक्षा, परिवहन, मेडिकल आदि पर मिलने वाली छूट की सीमा उस समय तय की गई थी, जब देश में मुद्रास्फीति की दर बहुत कम थी।
इस बजट से ये उम्मीद
1. सेक्शन-80 सी के तहत आयकर की छूट सीमा एक लाख रुपए से बढ़ाकर तीन लाख रुपए हो।
2. परिवहन एवं यातायात पर मिलने वाली टैक्स छूट 800 रुपए से बढ़ाकर 3200 रुपए प्रतिमाह हो।
3. 15000 रुपए तक के इलाज खर्च पर आयकर छूट है। इसे बढ़ाकर 50,000 रुपए किए जाने की उम्मीद।
4. वेतनभोगियों को 30 से 40 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलना चाहिए।

  कॉर्पोरेट की तुलना में तनख्वाह वालों से जुड़ी ये विसंगति
  खुली किताब है आय-खर्च वेतनभोगियों पर तो सैलेरी के साथ ही टैक्स लग जाता है। क्योंकि सैलेरी पहले से ही घोषित होती है। जबकि कॉर्पोरेट या बिजनेसमैन अपने खचरें को घटाकर आय भी दिखा सकते हैं। वे यह हिसाब अलग-अलग टैक्स को ध्यान में रखकर कर सकते हैं।
 
टैक्स छूट
वेतनभोगी को निर्धारित रकम में से अधिक से अधिक 1.20 लाख रुपए वापस मिलते हैं किन्तु अन्य किसी स्रोत की आवक से ऐसी कोई कटौती नहीं मिलती। पांच वर्ष पहले 30 हजार से अधिक स्टैंडर्ड डिडक्शन वेतनभोगियों को मिलता था। जो वेतनभोगियों के खर्च के रूप में दिया जाता था किन्तु उसे बंद कर दिया गया।

  

23 जिलों में मंत्री करेंगे ध्वजारोहण

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए आदेश, दिया कुमारी-कोटपूतली-बहरोड़ में करेंगी ध्वजारोहण, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा-जयपुर, किरोड़ीलाल...