गुरुवार, 8 सितंबर 2016
प्रबोधक व पैराटीचर की बैठक आज
जायल ब्लॉक के प्रबोधक व पैराटीचर की बैठक आज स्थानीय शिव मंदिर परिसर तहसील चौराया पर रखी गई है। ब्लॉक अध्यक्ष सम्पत बेनीवाल ने बताया कि 11 सितम्बर को मेड़ता सिटी में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय सम्मेलन में भाग लेने पर चर्चा की जाएगी। बैठक में जिलाध्यक्ष हरलाल डूकिया भी भाग लेंगे। इस मौके पर विभागीय कार्यकारिणी पर चर्चा की जाएगी। बैठक में प्रबोधक एवं पैराटीचर अपनी समस्याओं के बारे में भी विचार विमर्श कर सकेंगे।
बुधवार, 7 सितंबर 2016
यूनाइटेड स्कूल के 6 छात्रों का जिला स्तरीय टीम में चयन
राज्यस्तरीय 14 वर्षीय सॉफ्टबॉल की टीम में यूनाइटेड ग्लोबल एकेडमी बड़ी खाटू के 6 खिलाड़ियों का जिला स्तरीय टीम में चयन हुआ है। संस्था निदेशक आनंद बिजारणिया ने बताया की नागौर की 14 वर्षीय राज्य स्तरीय सॉफ्टबॉल टीम में यूनाइटेड स्कूल बड़ी खाटू के फिरोज, राहुल, मुज्मिल, लोकेश, दलपत सिंह, अली हुसैन, धनराज जांगिड़ का चयन हुआ है। ये खिलाड़ी राज्य स्तर पर खेलने के लिए 13 सितंबर को नागौर की टीम धौलपुर में आयोजित सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में खेलने जाएगी।
राज्य की भाजपा सरकार किसान विरोधी : मंजू
ब्लॉककांग्रेस कमेटी की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें पूर्व राज्यमंत्री मंजू मेघवाल ने कहा कि जो प्रदेश में किसानों हालातों के बजाय राज्य सरकार पूंजीपतियों के मालामाल करने में लगी हुई है। बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष जेताराम चोयल ने राज्य केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया। इस मौके पर प्रधान सुनीता सांगवा, पूर्व प्रधान रिद्धकरण लोमरोड़, जगदीश कड़वासरा, जमीरअहमद बड़ीखाटू, ऊमाराम कुड़ी ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान दुर्गाराम, तुलछाराम, भैरूलाल सोनी, छोगाराम, रामनिवास खाती, प्रहलादराम बांगड़ा, अनवरअली रोल, रामकुंवार, गयासुदीन शेख, रामकरण शैतानराम सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।
बुधवार, 4 मई 2016
रविवार, 1 मई 2016
रीट के लिए मिली 1410 आपत्तियां
राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) की संशोधित उत्तर कुंजी पर एक हजार 410 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 20 अप्रेल को रीट की संशोधित उत्तर कुंजी जारी की थी। इस उत्तर कुंजी में 31 सवाल निरस्त कर दिए गए थे और उसके लिए बोनस अंक की घोषणा की गई। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार संशोधित उत्तर कुंजी पर मिली आपत्तियों की समीक्षा कराई जा रही है। इसके बाद अंतिम रुप से उत्तर कुंजी जारी की जाएगी।
शिक्षा बोर्ड की ओर से सात फरवरी को आयोजित रीट परीक्षा की पहली उत्तर कुंजी पांच मार्च को जारी की थी। इस उत्तर कुंजी पर पांच हजार से अधिक आपत्तियां दर्ज कराई गई। इन आपत्तियों के आधार पर सवालों का निस्तारण करते हुए बोर्ड ने संशोधित उत्तर कुंजी जारी की थी
कुमकुम शर्मा का नवोदय में चयन
कल्पना चावला इंटरनेशनल स्कूल में लगातार चौथी साल छात्रा का नवोदय विद्यालय में चयन होने पर विद्यालय परिसर में चयनित छात्रा का अभिनंदन किया गया। मुख्य प्रबंध निदेशक कृपाराम ठोलिया ने बताया कि विद्यालय की छात्रा कुमकुम शर्मा का चयन हुआ है। इस अवसर पर छात्रा को तिलक लगाकर, माल्यार्पण करके स्वागत किया गया। इस अवसर पर परिजनों ने छात्रा को बधाई दी गई। इस मौके पर संस्था निदेशक राजेन्द्र चौधरी, जयप्रकाश चौधरी सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे। शुक्रवार, 3 जनवरी 2014
आम ने उड़ार्इ खासों की नींद
बीजेपी और कांग्रेस की मुशिकलें बढ़ार्इ
अपना जायल।
आम आदमी पार्टी की सरकार क्या बनी बीजेपी और कांग्रेस पर जैसे मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा हो। जिस तरह से आम आदमी पार्टी एक-एक फैसल कर रही है उससे दूसरे राज्यों की जनता की उम्मीदे अपनी-अपनी सरकार से बहुत ज्यादा बढ़ने लगी है। उसका प्रभाव भी दिखने लगा है महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता कह रहे है बिजली के दाम कम करो वरना आंदोलन होगा, राजस्थान में बीजेपी पर बिजली की दरों में कमी करने का दबाव बन रहा है।
अगले 5-6 महीने में अगर आम आदमी पार्टी इसी तरह के फैसले लेती रही तो बीजेपी और कांग्रेस के लिए लोकसभा चुनाव में मुशिकलें बढ़ने वाली है।
शहरों में पड़ सकती है भारी आम
आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव में महानगरों और बड़े शहरों में बीजेपी के पर कतर सकती है वहीं कांग्रेस के वोट बैंक में भारी सेंध लगाने की तैयारी कर ली है। आम आदमी पार्टी का कारवां यहीं रूकने वाला नहीं क्योंकि इनकी पार्टी से रोजाना हजारों सदस्य जुड़ रहे है।
गुरुवार, 5 दिसंबर 2013
जायल कॉलेज की संबद्धता के लिए कार्रवाई शुरू, जल्द भरे जाएंगे ऑनलाइन फार्म
छात्र नेता नवीन बटेसर ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उपखण्ड अधिकारी एवं कालेज प्रशासन से इस पर जल्द से जल्द कार्रवार्इ की मांग की। |
मंगलवार, 25 जून 2013
550 पदों पर भर्ती के लिए मांगे ऑनलाइन आवेदन
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में 550 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। जनसंपर्क अधिकारी सुधीर भाटी ने बताया कि 24 जुलाई 2013 तक आवेदन किए जा सकेंगे।
इन पदों पर होगी भर्ती : रोडवेज में 550 पदों के लिए होने वाली भर्ती में परिवहन निरीक्षक पद पर 16, सहायक यातायात निरीक्षक पर 40, कनिष्ठ अभियंता (अ) पर 27, कनिष्ठ अभियंता (ब) पर 56, कनिष्ठ विधि अधिकारी पर 17, श्रम कल्याण निरीक्षक 10, कनिष्ठ लेखाकार पर130,संगणक पर 26, उप भंडार निरीक्षक पर 33, कनिष्ठ लिपिक पर 195 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। आवेदक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
रोडवेज में पूछताछ के लिए पहुंचे : बेरोजगार युवक-युवतियां सुबह से ही रोडवेज कार्यालय में नियुक्ति के आवेदन संबंधित जानकारी के लिए पहुंच गए।
जोनल मैनेजर ने बताया कि आवेदकों को नियुक्ति से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराया जा रहा है ताकि उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
गुरुवार, 20 जून 2013
सोनिया गांधी के "राम राम सा" ने किया सबको कायल
अपना जायल
सोनिया गांधी ने गुरूवार को अपने उदबोधन की शुरूआत "राम राम सा" से कर नागौर जिले के जायल कस्बे में आयोजित विशाल जनसमूह में उपस्थित एक लाख से अधिक ग्रामीण पुरूष एवं महिलाओं को अभिभूत एवं मंत्र मुग्ध कर दिया। राज्य की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना के शिलान्यास समारोह में श्रीमती गांधी ने अपने भाषण की शुरूआत नागरिकों से राम राम सा करके की। नागरिकों ने भी पूर्ण उत्साह एवं जोश के साथ प्रत्युत्तर में "राम राम सा" करके उनका अभिनन्दन किया
जायल में देश की सबसे बड़ी ग्रामीण पेयजल परियोजना
सोनिया गांधी ने कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान सरकार अच्छा कार्य कर रही है और प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए राजस्थान सरकार का आज का यह कदम महत्वपूर्ण कदम है और इस योजना के पूर्ण होने से नागौर जिले को मीठा पानी मिलने लगेगा।
सोनिया गांधी गुरूवार को नागौर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर जायल में राजस्थान ग्रामीण पेयजल और फ्लोराइड निराकरण परियोजना के तहत देश की सबसे बड़ी ग्रामीण पेयजल परियोजना के आधारशिला रखने के पश्चात आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस जिले के घर-घर तक इंदिरा गांधी नहर का मीठा पानी पहुंचने लगेगा।
उन्होंने कहा कि नागौर जिले में हमेशा से पीने के पानी की दिक्कत रही है और खारे पानी से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब ये मुश्किलें दूर हो जाएंगी और मेरी बहनों को इस समस्या से निजात मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने समय में राजस्थान के कईं ऐसे क्षेत्रों में जहां पीने के पानी की समस्या होती थीं, वहां नागरिक अपनी बेटियां देना पसंद नहीं करते थे लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है।
सोमवार, 17 जून 2013
सोनिया गांधी 20 को जायल में
कल निरीक्षण करने आएंगे गहलोत
अपना जायल।
जायल के इतिहास में एक और नया इतिहास बनने जा रहा है जब राहुल के बाद यूपीए चेयरमेन सोनिया गांधी का पर्दापण जायल में होगा तब इतिहास में एक नया नाम जुड़ जाएगा कि केन्द्र में सत्तारूढ दल की चेयरपर्सन जायल में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राजस्थान ग्रामीण पेयजल एवं फ्लोरोसिस निराकरण परियोजना का शुभारंभ करेंगी।
यह योजना लगभग 3 हजार करोड़ रूपये की होगी। इस योजना के तहत जायल में पंपिंग स्टेशन भी बनेगा।
वसुंधरा की उम्मीदों को झटका.....
वसुंधरा गांधी जब सुराज संकल्प यात्रा में नागौर जिले के दौरे पर थी तो एक ही भाषण था जब वह सत्ता में आएंगी तो नागौर को मीठे पानी की सौगात देंगी। उसको अभी पन्द्रह दिन भी नहीं हुए कि कांग्रेस ने इस योजना को अमलीजामा पहनाने की ठानते हुए इस योजना के शुभारंभ करने की तारीख भी घोषित दी। फिलहाल बीजेपी को नागौर में इस योजना के साथ ही बैकफुट पर धकेल दिया है।
कांग्रेस की बैठक
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्यमंत्री मंजूदेवी मेघवाल के नेतृत्व में कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक हुई जिसमें प्रचार-प्रसार का जिम्मा बूथ स्तर पर प्रत्येक गांव-गांव तक पहुंचाने लिए अलग-अलग कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई।
अपना जायल।
जायल के इतिहास में एक और नया इतिहास बनने जा रहा है जब राहुल के बाद यूपीए चेयरमेन सोनिया गांधी का पर्दापण जायल में होगा तब इतिहास में एक नया नाम जुड़ जाएगा कि केन्द्र में सत्तारूढ दल की चेयरपर्सन जायल में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राजस्थान ग्रामीण पेयजल एवं फ्लोरोसिस निराकरण परियोजना का शुभारंभ करेंगी।
यह योजना लगभग 3 हजार करोड़ रूपये की होगी। इस योजना के तहत जायल में पंपिंग स्टेशन भी बनेगा।
वसुंधरा की उम्मीदों को झटका.....
वसुंधरा गांधी जब सुराज संकल्प यात्रा में नागौर जिले के दौरे पर थी तो एक ही भाषण था जब वह सत्ता में आएंगी तो नागौर को मीठे पानी की सौगात देंगी। उसको अभी पन्द्रह दिन भी नहीं हुए कि कांग्रेस ने इस योजना को अमलीजामा पहनाने की ठानते हुए इस योजना के शुभारंभ करने की तारीख भी घोषित दी। फिलहाल बीजेपी को नागौर में इस योजना के साथ ही बैकफुट पर धकेल दिया है।
कांग्रेस की बैठक
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्यमंत्री मंजूदेवी मेघवाल के नेतृत्व में कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक हुई जिसमें प्रचार-प्रसार का जिम्मा बूथ स्तर पर प्रत्येक गांव-गांव तक पहुंचाने लिए अलग-अलग कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई।
गुरुवार, 6 जून 2013
रविवार, 2 जून 2013
राजे की सुराज संकल्प यात्रा कल जायल में.....
अपना जायल।
बीजेपी की सुराज यात्रा का पड़ाव कल दोपहर जायल में पहुंच रहा है। वसुंधरा के नेतृत्व में सुराज सकल्प यात्रा का नागौर जिले में प्रवेश 1 जून को हो गया है जिसका असर पूरे नागौर जिले में देखने को मिल रहा है चाहे अखबर हो या दीवारे सब जगह पोस्टर व होर्डिंग से पाट दिया गया है। बीजेपी के पदाधिकारी जायल सरपंच मनीराम बासट, मंजू बाघमार, सुरेन्द्र पंवार, भाजयुमो के विजयपाल, गोविन्द चतुर्वेदी, सुरेश लोमरोड़, पप्पू मेहला, संदीप चतुर्वेदी सहित सभी कार्यकर्ता दिन-रात एककर वसुंधरा की यात्रा को सफल बनाने में लगे हुए है।
गुरुवार, 30 मई 2013
वसुंधरा की यात्रा से सियासत गरमाई
अपना जायल।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे की सुराज यात्रा 3 जून को जायल पहुंच रही है। यात्रा को लेकर बीजेपी जहां ज्यादा से ज्यादा भीड़ इकठठा करने में जुटी हुई है। भाजपा में टिकट के उम्मीदवार ज्यादा से लोगों को अपने साथ लाकर शक्ति प्रदर्शन करने के मूढ़ में है। वहीं कांग्रेस भी संदेश यात्रा को लेकर पूरे जिले भर में अपनी उपब्धियों को पहुंचाने के लिए कमर कस ली है। भाजपा युवा मोर्चा में वसुंधरा की यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है पर बाकी भाजपा कार्यकर्ता अभी भी तैयार नहीं है।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे की सुराज यात्रा 3 जून को जायल पहुंच रही है। यात्रा को लेकर बीजेपी जहां ज्यादा से ज्यादा भीड़ इकठठा करने में जुटी हुई है। भाजपा में टिकट के उम्मीदवार ज्यादा से लोगों को अपने साथ लाकर शक्ति प्रदर्शन करने के मूढ़ में है। वहीं कांग्रेस भी संदेश यात्रा को लेकर पूरे जिले भर में अपनी उपब्धियों को पहुंचाने के लिए कमर कस ली है। भाजपा युवा मोर्चा में वसुंधरा की यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है पर बाकी भाजपा कार्यकर्ता अभी भी तैयार नहीं है।
क्या गुल खिलाएगी संदेश और सुराज
बीजेपी सत्ता विरोधी लहर व सुराज के माध्यम से चुनाव मैदान में
कांग्रेस जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर भर रही हुंकार
अपना जायल।
चुनावी वर्ष में चुनावी माहौल के बीच गरमाती सियासत और इस बीच दो दिग्गजो की यात्राएं संदेश और सुराज। चुनावी वर्ष की आहट होते ही बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां चुनाव के लिए मैदान में उतर चुकी है। जहां वसुंधरा राजे सुराज संकल्प यात्रा में लगभग आधा पड़ाव पार चुकी है वहीं कांगे्रेस भी इससे कहीं पीछे नहीं है और वो भी 15 जून तक लगभग पूरे राजस्थान को संदेश यात्रा के माध्यम से संदेश देना चाहेगी कि हमने क्या-क्या योजनाएं आपके लिए चलाई है और कौनसी योजनाएं लागू होगी। सुराज यात्रा के माध्यम से बीजेपी अच्छा राज देने की संकल्पना के साथ-साथ कांगे्रस सरकार की विफलता का पूरा फायदा उठाने चाहेगी।
कौन सही कौन गलत?
बीजेपी और कांग्रेस दोनो की पार्टियां भ्रष्टाचार पर कुछ भी नहीं बोली रही है और निजी टिप्पणियां कर सुर्खियां बंटोरना इनकी आदत बन गई है। चाहे गहलोत हो या वसुंधरा दोनों की एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की जड़ी लगा देते है पर दोनों ही विकास के लिए इतना कुछ क्येां नहीं करते जितना राजस्थान को विकास की आवश्यकता है।
गहलोत वसुंधरा पर भ्रष्टाचार के आरोप तो लगाते है पर उन आरोपों की जांच अभी तक क्यों नहीं हुई इस पर चुप्पी साध लेते है।
वसुंधरा भी गहलोत पर आरोप लगाती रही है कि उनके बेटे के संबंध मुंबई में बिजनेस में कई लोगों से है तो गहलोत उनको फायदा पहुंचाते है अगर ऐसा था तो वसुंधरा ने कभी भी इस मुद्दे को ज्यादा तूल क्यों नहीं दिया।
जनकल्याणकारी योजना का फायदा कांग्रेस को
प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक तरह से फ्री दवा योजना, पेंशन योजना व अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के द्वारा बीजेपी को बैकफुट पर जरूर धकेल दिया है पर कई जगह कांग्रेस सरकार फ्लॉप भी साबित हुई जैसे स्वाइन फ्लू, तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती आदि।
सत्ता विरोध के सहारे बीजेपी
बीजेपी इस चुनाव में सिर्फ सत्ता विरोधी लहर के सहारे चुनाव में खड़ी है जिसका फायदा बीजेपी कहां तक उठाती है यह भविष्य के गर्त में है। बीजेपी को इस बार सरकार के खिलाफ कोई बड़ा मुद्दा नहीं मिलने वाला है क्योंकि कांग्रेस की पिछले 6 महीने में राजस्थान में स्थिति बहुत हद तक सुधर गई, जिसका श्रेय जनकल्याणकारी योजनाओं को जाता है।
कांग्रेस जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर भर रही हुंकार
अपना जायल।
चुनावी वर्ष में चुनावी माहौल के बीच गरमाती सियासत और इस बीच दो दिग्गजो की यात्राएं संदेश और सुराज। चुनावी वर्ष की आहट होते ही बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां चुनाव के लिए मैदान में उतर चुकी है। जहां वसुंधरा राजे सुराज संकल्प यात्रा में लगभग आधा पड़ाव पार चुकी है वहीं कांगे्रेस भी इससे कहीं पीछे नहीं है और वो भी 15 जून तक लगभग पूरे राजस्थान को संदेश यात्रा के माध्यम से संदेश देना चाहेगी कि हमने क्या-क्या योजनाएं आपके लिए चलाई है और कौनसी योजनाएं लागू होगी। सुराज यात्रा के माध्यम से बीजेपी अच्छा राज देने की संकल्पना के साथ-साथ कांगे्रस सरकार की विफलता का पूरा फायदा उठाने चाहेगी।
कौन सही कौन गलत?
बीजेपी और कांग्रेस दोनो की पार्टियां भ्रष्टाचार पर कुछ भी नहीं बोली रही है और निजी टिप्पणियां कर सुर्खियां बंटोरना इनकी आदत बन गई है। चाहे गहलोत हो या वसुंधरा दोनों की एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की जड़ी लगा देते है पर दोनों ही विकास के लिए इतना कुछ क्येां नहीं करते जितना राजस्थान को विकास की आवश्यकता है।
गहलोत वसुंधरा पर भ्रष्टाचार के आरोप तो लगाते है पर उन आरोपों की जांच अभी तक क्यों नहीं हुई इस पर चुप्पी साध लेते है।
वसुंधरा भी गहलोत पर आरोप लगाती रही है कि उनके बेटे के संबंध मुंबई में बिजनेस में कई लोगों से है तो गहलोत उनको फायदा पहुंचाते है अगर ऐसा था तो वसुंधरा ने कभी भी इस मुद्दे को ज्यादा तूल क्यों नहीं दिया।
जनकल्याणकारी योजना का फायदा कांग्रेस को
प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक तरह से फ्री दवा योजना, पेंशन योजना व अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के द्वारा बीजेपी को बैकफुट पर जरूर धकेल दिया है पर कई जगह कांग्रेस सरकार फ्लॉप भी साबित हुई जैसे स्वाइन फ्लू, तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती आदि।
सत्ता विरोध के सहारे बीजेपी
बीजेपी इस चुनाव में सिर्फ सत्ता विरोधी लहर के सहारे चुनाव में खड़ी है जिसका फायदा बीजेपी कहां तक उठाती है यह भविष्य के गर्त में है। बीजेपी को इस बार सरकार के खिलाफ कोई बड़ा मुद्दा नहीं मिलने वाला है क्योंकि कांग्रेस की पिछले 6 महीने में राजस्थान में स्थिति बहुत हद तक सुधर गई, जिसका श्रेय जनकल्याणकारी योजनाओं को जाता है।
बुधवार, 29 मई 2013
नक्सली भी डरते थे उस ‘बस्तर के टाइगर’ महेंद्र कर्मा से
बस्तर में माओवादी आतंकवाद के खिलाफ महेंद्र कर्मा सही मायने में आखिरी आवाज थे। वे आदिवासियों की अस्मिता, उनके स्वाभिमान और उनकी पहचान के प्रतीक थे। भाजपा दिग्गज बलिराम कश्यप के निधन के बाद महेंद्र कर्मा का चले जाना जो शून्य बना रहा है, उसे कोई आसानी से भर नहीं पाएगा।
कर्मा यूं ही बस्तर टाइगर नहीं कहे जाते थे। उनका स्वभाव और समझौते न करने की उनकी वृत्ति ने उन्हें यह नाम दिलाया था। माओवादियों की इस अकेले आदमी से नफरत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि उन वहशियों ने कर्मा जी के शरीर पर छप्पन गोलियां दागीं, उनके शरीर को बुरी तरह चोटिल किया और वहां डांस भी किया। कल्पना करें यह काम भारतीय राज्य की पुलिस ने किया होता तो मानवाधिकारवादियों का गिरोह इस घटना पर कैसी हाय-तौबा मचाता। किंतु नहीं, बस्तर के इस वीर के लिए उनके पास सहानुभूति के शब्द भी नहीं हैं, वे यहां भी किंतु-परंतु कर रहे हैं। टीवी पर बोलते हुए ये माओवादी समर्थक बुद्धिजीवी और तथाकथित संभ्रात लोग इस घटना को ‘जस्टीफाई’कर रहे हैं।
महेंद्र कर्मा सच में बस्तर के सपूत थे। एक आदिवासी परिवार से आए कर्मा ने कम समय में ही समाज जीवन में जो जगह बनाई उसके लिए लोग तरसेंगें। यह साधारण नहीं है कि माओवादियों की विशाल सेना भी इस निहत्थे आदमी से डरती थी। इसलिए वे आत्मसमर्पण करने के बावजूद मारे जाते हैं। क्योंकि माओवादियों को पता है कि महेंद्र कर्मा मौत से डरने और भागने वाले इंसानों में नहीं थे। बस्तर से निर्दलीय सांसद का चुनाव जीतकर उन्होंने बता दिया था कि वे वास्तव में बस्तर के लोगों के दिल में रहते हैं। सांसद, विधायक, राज्य सरकार में मंत्री का पद हो या नेता प्रतिपक्ष का पद उनके व्यक्तित्व के आगे सब छोटे थे। कर्मा अपने सपनों के लिए और अपनों के लिए जीने वाले नेता थे।
सलवा जूडूम के माध्यम से उन्होंने जो काम प्रारंभ किया था वह काम भले कुछ शिकायतों के चलते बंद हो गया और सुप्रीम कोर्ट को इसमें दखल देनी पड़ी, पर जब युद्ध चल रहा हो तो लड़ाई सामान्य हथियारों से नहीं लड़ी जाती। उस समय उन्हें जो उपयोगी लगा उन्होंने किया। हिंसा के खिलाफ हिंसा, सिद्धांतः गलत है पर सामने जब दानवों की सेना खड़ी हो,जहरीले नाग खड़े हों जो भारतीय समाज और लोकतंत्र के शत्रु हों, उनसे लड़ाई लड़ने के लिए कौन से हथियार चाहिए, इसे शायद कर्मा जी ही जानते थे। अपनी शहादत से एक बार फिर उन्होंने यह साबित किया है कि माओवादियों से संवाद और बातचीत के भ्रम में सरकारें पड़ी रहीं, तो वे यूं ही निर्दोषों का खून बहाते रहेंगें।
कर्मा यूं ही बस्तर टाइगर नहीं कहे जाते थे। उनका स्वभाव और समझौते न करने की उनकी वृत्ति ने उन्हें यह नाम दिलाया था। माओवादियों की इस अकेले आदमी से नफरत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि उन वहशियों ने कर्मा जी के शरीर पर छप्पन गोलियां दागीं, उनके शरीर को बुरी तरह चोटिल किया और वहां डांस भी किया। कल्पना करें यह काम भारतीय राज्य की पुलिस ने किया होता तो मानवाधिकारवादियों का गिरोह इस घटना पर कैसी हाय-तौबा मचाता। किंतु नहीं, बस्तर के इस वीर के लिए उनके पास सहानुभूति के शब्द भी नहीं हैं, वे यहां भी किंतु-परंतु कर रहे हैं। टीवी पर बोलते हुए ये माओवादी समर्थक बुद्धिजीवी और तथाकथित संभ्रात लोग इस घटना को ‘जस्टीफाई’कर रहे हैं।
महेंद्र कर्मा सच में बस्तर के सपूत थे। एक आदिवासी परिवार से आए कर्मा ने कम समय में ही समाज जीवन में जो जगह बनाई उसके लिए लोग तरसेंगें। यह साधारण नहीं है कि माओवादियों की विशाल सेना भी इस निहत्थे आदमी से डरती थी। इसलिए वे आत्मसमर्पण करने के बावजूद मारे जाते हैं। क्योंकि माओवादियों को पता है कि महेंद्र कर्मा मौत से डरने और भागने वाले इंसानों में नहीं थे। बस्तर से निर्दलीय सांसद का चुनाव जीतकर उन्होंने बता दिया था कि वे वास्तव में बस्तर के लोगों के दिल में रहते हैं। सांसद, विधायक, राज्य सरकार में मंत्री का पद हो या नेता प्रतिपक्ष का पद उनके व्यक्तित्व के आगे सब छोटे थे। कर्मा अपने सपनों के लिए और अपनों के लिए जीने वाले नेता थे।
सलवा जूडूम के माध्यम से उन्होंने जो काम प्रारंभ किया था वह काम भले कुछ शिकायतों के चलते बंद हो गया और सुप्रीम कोर्ट को इसमें दखल देनी पड़ी, पर जब युद्ध चल रहा हो तो लड़ाई सामान्य हथियारों से नहीं लड़ी जाती। उस समय उन्हें जो उपयोगी लगा उन्होंने किया। हिंसा के खिलाफ हिंसा, सिद्धांतः गलत है पर सामने जब दानवों की सेना खड़ी हो,जहरीले नाग खड़े हों जो भारतीय समाज और लोकतंत्र के शत्रु हों, उनसे लड़ाई लड़ने के लिए कौन से हथियार चाहिए, इसे शायद कर्मा जी ही जानते थे। अपनी शहादत से एक बार फिर उन्होंने यह साबित किया है कि माओवादियों से संवाद और बातचीत के भ्रम में सरकारें पड़ी रहीं, तो वे यूं ही निर्दोषों का खून बहाते रहेंगें।
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दशहरा (विजयदशमी या आयुध-पूजा) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन ह...
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सर्व समाज ने लगाई शराब बिक्री व सेवन पर रोक जायल. ग्राम पंचायत दोतिणा के ग्राम सिलारिया के आम गुवाड़ में शनिवार को सर्व समाज की बैठक आयोजित...














